Sunday, April 10, 2022

पुदीने के लाभ in hindi

पुदीने के लाभ 

By Rachna Mishra

 

पुदीना एक सुगंधित एवं उपयोगी औषधि है आयुर्वेद के अनुसार यह स्वादिष्ट रुचिकर पचने में आरक्षण तीखा, कड़वा, पाचन करता और उल्टी मिटाने वाला, हृदय को उत्तेजित करने वाला, कफ को बाहर ले जाने वाला, गर्भाशय संकोचक एवं चित्त  को प्रसन्न करने वाला जख्मों को भरने वाला, कृमि ज्वर ,विष ,अरुचि मंदाग्नि, अफरा, दस्त ,खांसी ,श्वास ,निम्न रक्तचाप  त्वचा के दोष, हैजा,अजीर्ण,सर्दी जुकाम आदि को मिटाने वाला है।

पुदीना में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें रोगप्रतिकारक शक्ति उत्पन्न करने की अद्भुत शक्ति है ।पाचक रसों को उत्पन्न करने की क्षमता है। पुदीना में अजवाइन के सभी गुण पाए जाते हैं।
पुदीना के बीज से निकलने वाला तेल स्थानिक एंथेस्टिक, पीड़ा नाशक एवं जंतु नाशक होता है। इसके तेल की सुगंध से मच्छर भाग जाते हैं।

विशेष -

पुदीना का ताजा रस लेने की मात्रा में 5 से 20 ग्राम इसके पत्तों के चूर्ण को लेने की मात्रा है 3 से 6 ग्राम काढ़ा लेने की मात्रा 10 से 40 ग्राम और अर्थ लेने की मात्रा 10 से 40 ग्राम तथा बीज का तेल लेने की मात्रा तीन बूंद है।
       

            औषधि के रूप में प्रयोग


(१) मलेरिया - 

पुदीना एवं तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम लेने से अथवा पुदीना एवं अदरक का रस एक एक चम्मच सुबह-शाम लेने से लाभ होता है।

(२) वायु एवं कृमि (कीड़े)- 

पुदीने के दो चम्मच रस में एक चुटकी काला नमक डालकर पीने से गैस तथा वायु एवं पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

(३) पुराना सर्दी जुखाम एवं न्यूमोनिया - 

पुदीना के रस के 2-3 बूंदे नाक में डालने एवं पुदीना तथा अदरक के एक-एक चम्मच रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से लाभ होता है।

(४) मासिक दोष - 

मासिक धर्म ना आने पर अथवा कम आने पर अथवा एवं कफ दोष के कारण बंद हो जाने पर पुदीने के कार्य में चुटकी भर हींग डालकर पीने से लाभ होता है शिव कमर की पीड़ा भी ठीक होती है।

(५) आंत का दर्द - 

अपच,अजीर्ण, अरुचि, मंदाग्नि आदि रोगों में पुदीने के रस में शहद डालकर ले अथवा पुदीने का अर्क ले।

(६) दाद - पुदीने 

के रस में नींबू लगाकर लगाने से दाद मिट जाता है। 

(७) उल्टी - दस्त ,हैजा - 

पुदीने के रस में नींबू का रस, अदरक का रस शहद मिलाकर पिलाने अथवा अर्थ देने से ठीक हो जाता है।

(८) हिस्टीरिया - 

रोज पुदीना का रस निकालकर उसे थोड़ा गर्म करके सुबह-शाम नियमित रूप से देने पर लाभ होता है।

(१०) मुख-दुर्गंध - 

पुदीने के रस में पानी मिलाकर अथवा पुदीना के काढ़े का घूट मुंह में भरकर रखें फिर उगल्दे इससे मुक्त दुर्गंध का नाश होता है।

2 comments:

खीरा खाने के fayde

खीरे को फल एवं शाक दोनों ही रूप में जाना जाता है। यह शरीर में खनिज लवण तथा विटामिंस की पूर्ति के लिए उत्तम आहार है। खीरा रोज उपयोगी फल के सा...