Sunday, April 24, 2022

गर्मियों में अंगूर खाने के फायदे

अंगूर सभी फलों में स्वादिष्ट एवं उत्तम फल है। पकने पर सु मधुर और गुणकारी हो जाता है ।आयुर्वेद में अंगूर को सेहत का खजाना बताया गया है।भारत ही नहीं दुनिया के अनेक देशों में अंगूर रोगों को दूर करने का माध्यम माना गया हैं।अंगूर खाने से शरीर स्वस्थ सुंदर ,सुडौल बनता है और मानसिक अवसाद भी दूर होता है।

अंगूर के गुण -

शरीर को ऊर्जा प्रदान :-

इसमें सर्वोत्तम प्रकार का ग्लूकोज एवम प्रक्तोज होता है,जिससे रस पेट में पहुंचते ही शीघ्रता से सुपाच्य हो शरीर में ऊर्जा तथा ताप प्रदान करके शक्ति की वृद्धि करता है।

आंखों के लिए उपयोगी :-

अंगूर बलवर्धक, आंखों के लिए हितकारी और वातपित्त की वृद्धि को दूर करता है तथा खून भी बढ़ाता है ।सभी तरह के ज्वर में लाभकारी है।
 

खून की पूर्ति :-

 अंगूर में शर्करा 25% होती है। लोहा पर्याप्त मात्रा में होता है, जो खून में हिमोग्लोबिन बढ़ाता है ।खून की कमी वाले रोगों के लिए यह वरदान स्वरुप है ।

पेट सफाई :-

यह प्रबल कीटाणुनाशक है । इससे आंत तथा लीवर और किडनी अच्छी तरह काम करते हैं ।कब्ज दूर होता है ।मूत्र मार्ग की बाधाएं दूर होती हैं।

शक्ति वर्धक :-

अंगूर में पर्याप्त मात्रा में  विटामिन ए और सी है। बच्चे बूढ़े और दुर्बल लोगों के लिए बल देने वाला अनुपम आहार है। अंगूर खाने से ताकत आती है।यह हर प्रकार की कमजोरी को दूर करके शरीर को सुंदर और स्वस्थ बनाता है।

मिनरल्स की पूर्ति :-

इसमें पोटेशियम बहुत होता है जो किडनी के रोग ,हाय ब्लड प्रेशर ,तथा चर्म रोग में लाभकारी होता है। अंगूर मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है।

अनेक रोगों की दवा :-

अंगूर रोगियों के लिए उत्तम है, कैंसर ,टीबी, गैस्ट्रिक के घाव ,बच्चों का सूखा रोग, अपेंडिसाइटिस ,जोड़ों का दर्द गठिया तथा हृदय रोगियों के लिए शक्ति दायक फल है

रक्त शुद्ध :-

 अंगूर प्रबल छारिय आहार है, शरीर में खून बढ़ाता है और इसे साफ करता है। शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है ।

ज्वर नाशक :-

टाइफाइड बुखार हो या कोई वायरस जन्य बुखार सभी में अंगूर शरीर में नई शक्ति देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

 कई लाइलाज बीमारियों में अंगूर रस कल्पामृत के समान काम करता है। लंबी बीमारी के बाद शरीर में आई कमजोरी को दूर करने में यह रामबाण दवा है कई आंतों के कैंसर रोगी अंगूर कल्प से स्वस्थ हुए हैं ।

अंगूर खट्टा होता है, उसे नहीं खाना चाहिए जब भी अंगूर खाए मीठे पके अंगूर ही खाए । खाने के पहले अंगूर को भलीभांति पानी से धो लें , क्योंकि अंगूर की खेती करने वाले इसमें कीटाणुनाशक दवाई का छिड़काव करते हैं तथा उन पर मच्छर और मक्खियां भी बैठती हैं।
 पके अंगूर सुखाने से किसमिस बनते हैं। जो कई आयुर्वेदिक दवाई  में प्रयोग होता है।
 अंगूर का रस छोटे बच्चों को 50 सी.सी. से अधिक नही देना चाहिए अधिक देने से दस्त आने लगते हैं वयस्क १००सी. सी.से 200 तक ले सकते हैं। शरीर में शक्ति संचार के लिए अंगूर का रस अदित्वीय है।

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